Himachal Govt Assigns Additional

हिमाचल सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 HPAS अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी

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Himachal Govt Assigns Additional

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा (HPAS) के अधिकारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 9 एचपीएएस अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों के साथ अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

शिमला और सोलन में नई जिम्मेदारियां

राजधानी शिमला और सोलन जिले में कार्यरत चार अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • मंजीत शर्मा (2020), उपमंडलाधिकारी (नागरिक), शिमला ग्रामीण को सहायक आयुक्त (उपायुक्त शिमला) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
  • हेम चंद वर्मा (2017), एसडीएम चौपाल अब एसडीएम कुपवी का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे।
  • गुरमीत ग्यालचेन नेगी (2024), एसडीएम जुब्बल को एसडीएम कोटखाई का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
  • नरेंद्र कुमार-II (2015), सहायक बंदोबस्त अधिकारी, सोलन को सहायक बंदोबस्त अधिकारी, अर्की का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

हमीरपुर और बिलासपुर में भी बदलाव

हमीरपुर और बिलासपुर जिले में भी तीन अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।

  • संजीत सिंह (2020), एसडीएम हमीरपुर को सहायक आयुक्त (उपायुक्त हमीरपुर) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
  • राजीव ठाकुर (2020), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) हमीरपुर को संयुक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • राज कुमार-II (2023), एसडीएम बिलासपुर को सहायक आयुक्त (उपायुक्त बिलासपुर) तथा विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (SLAO), NHAI, बिलासपुर का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

लाहौल-स्पीति और सिरमौर में भी अतिरिक्त प्रभार

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और सिरमौर में भी प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

  • कुनिका एकर्स (2022), एसडीएम-सह-परियोजना निदेशक (डीआरडीए), केलांग को एसडीएम उदयपुर तथा सहायक आयुक्त (उपायुक्त लाहौल-स्पीति) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
  • जसपाल (2024), एसडीएम शिलाई को एसडीएम कफोटा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

सरकार का कहना है कि इन अतिरिक्त प्रभारों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और विभिन्न जिलों में शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।